Wednesday, 19 January, 2022

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Cybercrime and Security
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Cybercrime and Security

Cybercrime and Security एक प्रकार की सुरक्षा है जिसका कार्य इंटरनेट से जुड़े डिजिटल डिवाइस के डाटा को सुरक्षा प्रदान करना होता है| साइबर सुरक्षा द्वारा इंटरनेट पर हो रही गलत गतिविधियों को रोका जाता है जिसे इंटरनेट उपयोगकर्ता को अपने डाटा की हानि ना हो पाए| यह सुरक्षा कंप्यूटर सरोवर मोबाइल और नेटवर्क को इंटरनेट पर हो रहे साइबर हमलों से बचाता है| साइबर सिक्योरिटी दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला शब्द ‘साइबर’ जिसका कार्य है इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी व कंप्यूटर को दर्शाना| दूसरा शब्द ‘सिक्योरिटी’ जिसका कार्य सुरक्षा से संबंधित होता है। यह दोनों शब्द मिलकर ही साइबर सिक्योरिटी कहलाते हैं जो इंटरनेट से सुरक्षित रखता है।

साइबर सुरक्षा क्यों जरूरी है

जिस तरह से इंटरनेट का इस्तेमाल पूरी दुनिया भर में किया जा रहा है और लगाता इंटरनेट यूजर्स की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है| तो ऐसे में यह बहुत जरूरी है की इंटरनेट यूजर्स की सिक्योरिटी का ही ध्यान रख ना होगा।

आज के समय में हर कार्य केवल इंटरनेट पर ही किया जा रहा है चाहे वह सरकारी हो या निजी कंपनी का कार्य हो कामकाज हो या फिर कोई मोबाइल इंटरनेट यूजर का निजी डेटा| यानी, हर प्रकार के डाटा का आदान-प्रदान किसी न किसी रूप में इंटरनेट पर हो रहा है। यूजर्स के डिवाइस जैसे कंप्यूटर सर्वर लैपटॉप या मोबाइल फोन सभी प्रकार की स्मार्ट डिवाइस इंटरनेट पर कनेक्ट रहती है जिससे डेटा की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। आज प्रतिदिन इंटरनेट पर हैकिंग फ्रॉड डाटा लीक की लगातार कोशिश की जा रही है तो ऐसे में साइबर सिक्योरिटी के द्वारा इन सभी गतिविधियों को नजर में रखा जा रहा है और एक सुरक्षा कवच प्रदान किया जाता है जिससे इंटरनेट पर हो रहे साइबर अटैक्स को रोक सके।

साइबर सिक्योरिटी के प्रकार

यूजर को नेटवर्क की अलग-अलग पदों में अलग-अलग सुरक्षा प्रदान की जाती है| सभी अपराध ऑनलाइन किए जाते हैं इसीलिए इन्हें रोकने के लिए ५ सर्वश्रेष्ठ साइबर सुरक्षा के प्रकार दिए गए हैं;-

  1. नेटवर्क सिक्योरिटी =  यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी नेटवर्क को बिना अनुमति के एक्सेस, हैकिंग तथा डेनियल आफ सर्विस अटैक, वायरस आदि सबसे बचाता है| नेटवर्क सिक्योरिटी सबके द्वारा इंप्लीमेंट नहीं होती है, इसके लिए एक्सपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है|
  2. एप्लीकेशन सिक्योरिटी = इसकी मदद नेटवर्क में उपयोग की जा रही है| सभी एप्लीकेशन को एक सुरक्षा प्रक्रिया से गुजारा जाता है जिससे उन सभी एप्लीकेशन की कमियों को दूर किया जा सके| साथ ही अगर वह एप्लीकेशन किसी प्रकार से असुरक्षित है तो उसे नेटवर्क से बाहर निकाल दिया जाता है|
  3. डाटा लॉस प्रीवेंशन (DLP) = इस तरह की प्रक्रिया में यूजर के सभी डाटा को अच्छी तरह एनकोड कर दिया जाता है| इसमें सिक्योर सॉकेट्स लेयर का उपयोग होता है| इस सुरक्षा के अंतर्गत सूचना या डाटा को अनऑथराइज्ड एक्सेस से दूर रखने के लिए एंक्रिप्ट भी किया जाता।
  4.  NAC = इसके जरिए अनऑथराइज्ड उपयोगकर्ताओं और उपकरणों को नेटवर्क से बाहर रखने का काम किया जाता है| एनएससी नेटवर्क की कार्य क्षमता की सुरक्षा करती है| यह सुनिश्चित भी करती है कि केवल सही उपयोग करता क्योंकि इसकी पहुंच हो नेटवर्क ऑपरेटर तय करते हैं कि कौन से उपकरण या एप्लीकेशन ऐड पॉइंट सुरक्षा आवश्यकताओं का अनुपालन करते हैं और उन्हें नेटवर्क एक्सेस की अनुमति दी जाती है या नहीं।
  5.  एंटीवायरस सिक्योरिटी = सभी लोग अपने कंप्यूटर में एंटीवायरस रखते हैं| यह हमारे कंप्यूटर को कई प्रकार के वायरस से बचाता है| आखिर कंप्यूटर में ही हमारी सारी पर्सनल और सेंसिटिव इंफॉर्मेशन और प्राइवेट फाइल्स स्टोर रहती है| इसलिए इसे सुरक्षित रखना सबसे ज्यादा जरूरी है|

साइबर हमलों के प्रकार

  1.  मेलवेयर = मैलवेयर का अर्थ है, मालीशियस सॉफ्टवेयर सबसे आम साइबर खतरों में से एक है| मैलवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे किसी साइबर अपराधी बोले तो हैकर मैं किसी  यूजर के कंप्यूटर को आदित्य क्षतिग्रस्त करने के लिए बनाया जाता है| अक्सर एक अनवांटेड ईमेल अटैचमेंट्स देखने वाले डाउनलोड के माध्यम से फैलता है| मेलवेयर का उपयोग साइबर क्रिमिनल द्वारा पैसा कमाने के लिए या राजनीति से प्रेरित cyber-attacks में किया जाए ता है| 1 वायरस  2 ट्रोजन 3 स्पाइवेयर 4 बॉटनेट 5 एडवेयर
  2. एसक्यूएल इंजेक्शन = यह इंजेक्शन एक तरह काम साइबर हमला है जिसका उपयोग डेटाबेस से डाटा को कंट्रोल करने और चोरी करने के लिए होता है| साइबर अपराधी दुर्भावनापूर्ण एसक्यूएल कथा के माध्यम से डेटाबेस में दुर्भावनापूर्ण कोड डालने के लिए डाटा संचालित
  3. अनुप्रयोग में कमज़ोरियों का फायदा उठाते हैं| यह उन्हें डेटाबेस में निहित संवेदनशील जानकारी तक पहुंच देता है।
  4. फिशिंग = फिशिंग तब होती है जब साइबर अपराधी पीड़ितों को ईमेल या फिर किसी भी सोशल मीडिया से टारगेट बनाता है और जो संवेदनशील जानकारी मांगने वाली कंपनी के जैसे प्रतीत होता है| फिशिंग हम लोग का उपयोग अक्सर लोगों को क्रेडिट कार्ड डाटा और अन्य पर्सनल डाटा प्राप्त करने के लिए उपयोग में लिया जाता है|

साइबर हमले से बचने के कुछ सेफ्टी प्वाइंट्स

  1. सार्वजनिक स्थान पर खुले फ्री वाईफाई का उपयोग ना करें = कई बार फ्री में वाईफाई इस्तेमाल करने का कारण लोगों के मन में उत्पन्न होने वाला लालच आप लोगों को साइबर अटैक्स का टारगेट बनने में मजबूर कर देता है। आप लोगो ने कई कहानी और मूवी में भी सुना होगा कि लालच बुरी बला है या ही बात जीवन के हर कदम में लागू होती है।
  2. लॉटरी धोखे से बचे = यह साइबर अपराधी व्यक्ति के स्मार्टफोन में इनबॉक्स में ई-मेल के जरिए लॉटरी जीतने का लालच उत्पन्न करते हैं| और यकीन दिलाते हैं कि आप 10 लकी विनर में से एक है और आप ने लाखों रुपए की धनराशि जीती है इसको प्राप्त करने के लिए आपके बैंक अकाउंट में से ₹100000 उनके अकाउंट में डलवाने का जोर दिया जाता है| और कहा जाता है कि जीती हुई धनराशि डॉलर में है और भारतीय रुपयों में बदलने के लिए आपको यह धनराशि डालनी होगी| बस आप लालच में फस जाते हैं गंभीर गलती कर बैठते हैं इन साइबर अपराधी के झांसे में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं|
  3. पासवर्ड = यह एक छोटा सा शब्द है लेकिन काम इसका गजब का होता है| यह आपके कंप्यूटर स्मार्टफोन एप्लीकेशन सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखता है| आपको ऐसा पासवर्ड बनाना होगा कि वह किसी के अंदाजे में ना आए यानी ऐसा पासवर्ड जो कि कोई अंदाजा भी ना लगा सके|

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