महाशिवरात्रि

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भारतीय ग्रंथों के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर आधी रात को भगवान शिव निराकार से साकार रूप में आए थे. इस मान्यता के अनुसार भगवान शिव इस दिन अपने विशालकाय स्वरूप अग्निलिंग में प्रकट हुए थे.

महा शिवरात्रि 2022 कब हैं ?  

इस वर्ष महाशिवरात्रि 01 मार्च दिन मंगलवार को है.

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पूजन विधि

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करा कराएं. केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं.  पूरी रात्रि का दीपक जलाएं. चंदन का तिलक लगाएं. बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं. सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें.

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व्रत विधि   

इस व्रत की शुरुआत भी सूर्योदय से पहले होती है. स्नान आदि करने के बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव की आराधना करें. इस दिन रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. शिव जी को बेलपत्र अर्पित कर, धतूरा और श्रीफल चढ़ाएं, इसके बाद  दीप, फल और फूल आदि से पूजन करें. 

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