Wireless technology – वायलेस टेक्नोलॉजी

Wireless technology – वायलेस टेक्नोलॉजी क्या है

वायलेस टेक्नोलॉजी के जरिए वायरलेस कम्युनिकेशन संभव हो पाया है| यह कम्युनिकेशन तारों के ब्लॉक और भौतिक माध्यम जैसे कनेक्शन का उपयोग किए बिना एक बिंदु से दूसरे तक सूचना प्रसारित करने की एक विधि है। वायरलेस कम्युनिकेशन की मदद से ट्रांसमीटर और रिसीवर को कुछ मीटर से या कुछ हजार किलोमीटर के बीच कहीं भी रखा जा सकता है| हम आम जीवन में भी कई सारे वायरलेस डिवाइस यूज करते हैं जैसे मोबाइल फोन, जीपीएस रिसीवर, ब्लूटूथ ऑडियो, वाईफाई, आदि।

वायरलेस टेक्नोलॉजी (Wireless technology) के प्रकार

– टेलीविजन एंड रेडियो ब्रॉडकास्टिंग – सेटेलाइट कम्युनिकेशन – रडार – रेडियो फ्रिकवेंसी आईडेंटिफिकेशन – कॉर्डलेस फोंस – व्लेन नेटवर्क (wi-fi) – ब्लूटूथ – पेजिंग – GPS – मोबाइल टेलिफोन सिस्टम

वायरलेस कम्युनिकेशन के फायदे

 डिजास्टर रिकवरी = किसी भी आपदाओं के कारण दुर्घटनाओं के मामले में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम में नुकसान कम से कम होता है| – उपलब्धता = वायरलेस टेक्नोलॉजी को रिमोट के जरिए आसानी से नेटवर्क से कनेक्ट कर सकते हैं। – विश्वसनीयता = इनके ब्लॉक के क्षति ग्रस्त होने के कारण कम्युनिकेशन की विफलता का कोई मौका नहीं है जो पर्यावरण परिस्थितियों केवल ब्रेक और मैटर कंडक्टर रोके प्रकृति हाथ के कारण हो सकता है। – सुविधा = मैसेज प्राप्त करने या पास करने के लिए फिजिकल रूप से कुछ भी जोड़ने की आवश्यकता नहीं। Wireless technology – वायलेस टेक्नोलॉजी

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