मोटू पतलू कार्टून शो कॉमेडी सीरीज के डायरेक्टर का नाम सुहास डी. कदवु है. यह शो हिंदी भाषा में दिखाया जाता है। मोटू पतलू की जोड़ी कार्टून शो दीपा साही और अनीश जेएस मेहता द्वारा निर्मित है, जबकि शो का थीम गीत संदेश शांडिल्य द्वारा रचित है। इसका उद्घाटन थीम गीत और समाप्ति थीम गीत "मोटू पतलू की जोड़ी" प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह द्वारा गाया गया है। यह कार्टून शो हिंदी (मूल संस्करण), कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला, मराठी भाषाओं में प्रसारित होता है। नीचे हम आपको मोटू पतलू कार्टून से शो से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां देने जा रहे हैं।

मोटू पतलू कार्टून शो कॉमेडी सीरीज के डायरेक्टर का नाम सुहास डी. कदवु है. यह शो हिंदी भाषा में दिखाया जाता है। मोटू पतलू की जोड़ी कार्टून शो दीपा साही और अनीश जेएस मेहता द्वारा निर्मित है, जबकि शो का थीम गीत संदेश शांडिल्य द्वारा रचित है। इसका उद्घाटन थीम गीत और समाप्ति थीम गीत "मोटू पतलू की जोड़ी" प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह द्वारा गाया गया है। यह कार्टून शो हिंदी (मूल संस्करण), कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला, मराठी भाषाओं में प्रसारित होता है। नीचे हम आपको मोटू पतलू कार्टून से शो से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां देने जा रहे हैं।

इस सीरीज का मुख्य विलेन "जॉन द डॉन" नाम का एक अपराधी है। वह अपने दो बड़े लेकिन कमजोर और गूंगे गुर्गों नंबर 1 और नंबर 2 के साथ मिलकर लोगों के पैसे और गहने चुराता है और फुरफुरी नगर में तबाही मचाता है. जॉन डॉन बनने का इरादा रखता है। लेकिन मोटू और पतलू अक्सर उसके इरादे खराब कर देते हैं और उसकी सारी योजनाएँ बर्बाद कर देते हैं। शो के कुछ एपिसोड में, जॉन द डॉन डॉ. झटका को उनके नवीनतम गैजेट्स चुराकर और मोटू और पतलू के खिलाफ उनका उपयोग करके नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, लेकिन अंत में, वे उसे हराने में कामयाब होते हैं।

मोटू पतलू सीरियल (Motu Patlu Serial) बच्चों के मनोरंजन के लिए भारत में तैयार किया गया बच्चों का कार्टून शो है। जिसके मुख्य पात्र मोटू और पतलू बने हैं। यह दोनों एक दूसरे के परम मित्र हैं। दोनों हर बार कोई हास्यप्रद समस्याओं में घिर जाते हैं और सौभाग्य से बच भी निकलते हैं।

मोटू दो मुख्य पात्रो में से एक है। मोटू एक मोटा आदमी है जिसे समोसा खाना बहुत पसन्द है। वह एक माली (गार्डनर) है। मोटू ज़ादातर कहता है कि खाली पेट मेरे दिमाग की बत्ती नही जलती, तुम ही कुछ सोचो।

पतलू भी दो मुख्य पात्रो में से एक है। वह एक पतला आदमी है जिसे चाय पीना बहुत पसन्द है। वह एक अच्छा सलाहकार है जो मोटू या फुरफुरी नगर के लोगो को सलाह देता है।

डॉ झटका मोटू पतलू का परम मित्र है। वह एक वैज्ञानिक है जो हमेशा यन्त्र बनाता रहता है तथा वह अपने परम मित्र घसीटाराम के साथ मिलकर मोटू पतलू को मूर्ख बहुत बनाता रहता है। झटका को आलू के परांठे खाने का बहुत शौक है। वह ज़ादातर कहता है, मार सुटिया पापड़ वाले नू।

घसीटाराम डॉ झटका का परम मित्र है। वह एक बहुत अच्छा फ़ोटो ग्राफ़र है। घसीटा को रसगुल्ले खाने का बहुत शौक है। वह हमेशा कहता है, मुझे रसगुल्ले खाने का बीस साल का तजुरबा है।

चिन्गम मोटू पतलू का मित्र है। वह फुरफुरी नगर का पुलिस इन्सपेक्टर है जिसे इडली खाने का बहुत शौक है। वह हमेशा कहता है, द नेम इज चिन्गम, इन्सपेक्टर चिन्गम, वाय फीयर वेन चिन्गम इज हियर, चिन्गम के चन्गुल से बचना इमपोसिबल बोले तो इमपोसिबल,

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